हर ओर विकास नज़र आता हैं
जिस ओर देखो बस यही नज़र आता हैं
मानव आज विकसित हो रहा हैं
हवा भी अब इंसा बनाता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
आज हम कंक्रीट के जंगलो में रहते हैं
इंसा ने तो अब उड़ना तक सीख लिया हैं
टीन के डिब्बो में सफर करते हैं
हर कोई आज छोटा नज़र आता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
भीड़ मे इंसा अकेला सा रहता हैं
मिटटी भी कुछ बेगानी सी
आसमान भी अब काला नज़र आता हैं
नन्हा पंछी अब नहीं फड़फड़ाता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
रेशमी कपड़ो में इंसा खुद को छिपाता हैं
दुसरो को नंग देख मंद-मंद मुस्कुराता हैं
उसे कभी खुद का अतीत नज़र आता हैं ?
पल पल वो खुदा से कटता चला जाता हैं
शायद आज उसे सिर्फ विकास नज़र आता हैं
जिस ओर देखो बस यही नज़र आता हैं
मानव आज विकसित हो रहा हैं
हवा भी अब इंसा बनाता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
आज हम कंक्रीट के जंगलो में रहते हैं
इंसा ने तो अब उड़ना तक सीख लिया हैं
टीन के डिब्बो में सफर करते हैं
हर कोई आज छोटा नज़र आता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
भीड़ मे इंसा अकेला सा रहता हैं
मिटटी भी कुछ बेगानी सी
आसमान भी अब काला नज़र आता हैं
नन्हा पंछी अब नहीं फड़फड़ाता हैं
हर ओर बस विकास नज़र आता हैं
रेशमी कपड़ो में इंसा खुद को छिपाता हैं
दुसरो को नंग देख मंद-मंद मुस्कुराता हैं
उसे कभी खुद का अतीत नज़र आता हैं ?
पल पल वो खुदा से कटता चला जाता हैं
शायद आज उसे सिर्फ विकास नज़र आता हैं