कठिन है डगर मंजिल की
थकने लगा हूं चलते-चलते
छाले भी रो पड़े हैं अब
मेरे दामन में जो थे लिखे
थकने लगा हूं चलते-चलते
छाले भी रो पड़े हैं अब
मेरे दामन में जो थे लिखे
कैसे रखूं संघर्ष को ज़ारी
अब हंसने लगी है दुनिया सारी
समझने लगी हैं बेगैरत मुझको
मेरे दामन की खुशियां सारी
अब हंसने लगी है दुनिया सारी
समझने लगी हैं बेगैरत मुझको
मेरे दामन की खुशियां सारी
पर लड़ना मुझको
यह संघर्ष है जीवन मेरा
पत्थरों पर लिखा है नसीब
लिखने वाले ने मेरा
यह संघर्ष है जीवन मेरा
पत्थरों पर लिखा है नसीब
लिखने वाले ने मेरा
पर हां,
इस दौर में दिखने लगे हैं
दुनिया के खेले
कुछ हसीन है इसमें, तो कुछ हैं मटमैले
इस दौर में दिखने लगे हैं
दुनिया के खेले
कुछ हसीन है इसमें, तो कुछ हैं मटमैले
डगर है कठिन मंजिल की
पर छूना है, आसमां मुझको
आशाएं कई है
मेरे नन्हें से जीवन की
पर छूना है, आसमां मुझको
आशाएं कई है
मेरे नन्हें से जीवन की
शायद है एक वजह यही
दौड़ पड़ता हूं
उम्मीद की किरण दिखें
चाहें कहीं
दौड़ पड़ता हूं
उम्मीद की किरण दिखें
चाहें कहीं
पर सफर धुंधला रहा है
मेरी आंखों से कहीं
शायद डगर कठिन है मेरी
सोच से ज्यादा कहीं
मेरी आंखों से कहीं
शायद डगर कठिन है मेरी
सोच से ज्यादा कहीं
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